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फर्जी IAS बनकर युवक को शादी के जाल में फंसाया, 40 लाख मांगने वाली महिला गिरफ्तार

बदायूं : उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में खुद को आईएएस अधिकारी बताकर लोगों को गुमराह करने का मामला सामने आया है। एक महिला ने सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान बनाकर एक युवक से संपर्क किया, शादी की और बाद में अपने कथित रुतबे का इस्तेमाल करते हुए उससे 40 लाख रुपये की मांग कर डाली। शिकायत के बाद पुलिस ने सोमवार को आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला की पहचान बदायूं निवासी साधना के रूप में हुई है। आरोप है कि उसने अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर खुद को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) की अधिकारी बताया और इसी झूठ के सहारे युवक को अपने विश्वास में लिया।
जानकारी के मुताबिक, साधना के पिता खेती करते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य बताई जा रही है। उसका एक भाई बेंगलुरु में क्लीनिक चलाता है, जबकि दूसरा भाई बदायूं में एक निजी फर्म में नौकरी करता है।
बताया जा रहा है कि साधना ने परास्नातक (PG) तक पढ़ाई की है। इसके बाद उसने सोशल मीडिया पर खुद को आईएएस अधिकारी बताना शुरू कर दिया। उसने आईएएस अधिकारी जैसी छवि बनाने के लिए अपनी तस्वीरें और अन्य सामग्री सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा कीं। इसी दौरान कई लोग उसकी फर्जी पहचान से प्रभावित हुए।
पुलिस के मुताबिक, पिछले वर्ष साधना की मुलाकात फेसबुक के माध्यम से अभिषेक कुमार नाम के युवक से हुई। बातचीत बढ़ने के बाद दोनों के बीच संबंध बने। आरोप है कि साधना ने खुद को आईएएस अधिकारी बताकर अभिषेक को प्रभावित किया और बाद में उससे शादी कर ली।
शादी के बाद साधना कथित तौर पर अपने पद और प्रभाव का दिखावा करने लगी। उसने अपने पति और आसपास के लोगों के सामने खुद को बड़े अधिकारी के रूप में पेश किया। आरोप है कि कुछ समय बाद उसने अभिषेक से 40 लाख रुपये की मांग कर दी।
अभिषेक को जब साधना की पहचान और दावों पर शक हुआ तो उसने मामले की जानकारी जुटानी शुरू की। जांच में कथित रूप से सामने आया कि साधना वास्तव में आईएएस अधिकारी नहीं थी और उसने फर्जी पहचान बनाकर लोगों को भ्रमित किया था।
इसके बाद अभिषेक की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और सोमवार को आरोपी साधना को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है। आरोपी महिला से पूछताछ कर यह पता लगाया जा रहा है कि उसने कितने लोगों को अपनी फर्जी पहचान के जरिए ठगा है और इस तरह की गतिविधियां कब से चला रही थी।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में फर्जी अधिकारियों के नाम पर लोगों को ठगने के कई मामले सामने आए हैं। कुछ दिन पहले फर्जी आईएएस बताने वाली विप्रा शर्मा का मामला भी चर्चा में आया था। आरोप था कि उसने अपनी बहनों के साथ मिलकर कई लोगों पर प्रभाव जमाया और दर्जनों लोगों से रुपये ठगे।
पुलिस अब ऐसे मामलों को गंभीरता से ले रही है और सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान बनाकर लोगों को गुमराह करने वालों पर नजर रखी जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया के दौर में किसी व्यक्ति की पहचान की पुष्टि किए बिना उस पर भरोसा करना जोखिम भरा हो सकता है। खासकर सरकारी पदों और अधिकारियों से जुड़े दावों की जांच करना जरूरी है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति खुद को सरकारी अधिकारी बताकर आर्थिक लाभ मांगता है या अपने पद का गलत इस्तेमाल करता है तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।
फिलहाल साधना की गिरफ्तारी के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इस मामले में और कितने लोग प्रभावित हुए हैं और आरोपी ने किस तरह से पूरी योजना को अंजाम दिया।





